केस 1 · फुल-माउथ रिहैबिलिटेशन











इम्प्लांट और दांत बदलने का इलाज
डेंटल इम्प्लांट यानी गिरे हुए दांत की जगह नई जड़। जबड़े की हड्डी में एक छोटा सा पोस्ट लगाया जाता है। जब वह हड्डी से अच्छी तरह जुड़ जाता है, तब उस पर क्राउन (कैप) फिक्स कर दी जाती है। नया दांत निकलता नहीं है, और उसे बगल के दांतों के सहारे की ज़रूरत भी नहीं पड़ती।
डॉ. रीमा जे. शाह प्रॉस्थोडॉन्टिस्ट और इम्प्लांटोलॉजिस्ट हैं। वे पहले तय करती हैं कि आख़िर में दांत कैसा दिखेगा, और फिर उसी हिसाब से इम्प्लांट की सही जगह चुनती हैं।

डॉ. रीमा आपका मुँह देखती हैं और X-ray या 3D स्कैन से हड्डी की जाँच करती हैं।
फ़ैसला लेने से पहले आपको सारे विकल्प, कितनी विज़िट लगेंगी, कितना समय और कितना खर्च होगा, यह सब बता दिया जाता है।
लोकल एनेस्थीसिया देकर इम्प्लांट पोस्ट जबड़े में लगाया जाता है।
अगले कुछ हफ़्तों से महीनों में हड्डी इम्प्लांट से जुड़ जाती है। इस बीच आपको अस्थायी दांत लगाया जा सकता है।
आपके बाकी दांतों से मेल खाता फ़ाइनल क्राउन बनाकर इम्प्लांट पर फिक्स किया जाता है।
डॉ. रीमा के अपने मरीज़ों की तस्वीरें, उनकी इजाज़त से। नतीजा हर व्यक्ति में अलग हो सकता है।

















एक गिरे दांत के लिए एक इम्प्लांट और एक क्राउन।
दो या ज़्यादा इम्प्लांट पर ब्रिज, जो एक लाइन के कई दांतों की जगह भर देता है।
ऐसा डेन्चर जो इम्प्लांट पर क्लिप हो जाता है, इसलिए खाते और बोलते समय हिलता नहीं।
जिनके ज़्यादातर या सारे दांत नहीं हैं, उनके लिए इम्प्लांट पर पूरे फिक्स दांत।
डॉ. रीमा MDS प्रॉस्थोडॉन्टिस्ट और इम्प्लांटोलॉजिस्ट हैं। गिरे हुए दांत बदलना ही उनकी स्पेशलिटी है।
आपके इम्प्लांट की प्लानिंग, उसे लगाना और उस पर दांत बनाना, सब एक ही डॉक्टर करती हैं।
इलाज शुरू होने से पहले विज़िट, समय और खर्च समझा दिया जाता है।
इम्प्लांट लोकल एनेस्थीसिया देकर लगाया जाता है, इसलिए उस समय जगह सुन्न रहती है। बाद में कुछ दिन हल्का दर्द रहना आम बात है, और दवा से ठीक हो जाता है।
यह आपकी हड्डी पर और इस पर निर्भर करता है कि पहले दांत निकालना है या नहीं। ज़्यादातर मामलों में इम्प्लांट लगने से फ़ाइनल क्राउन तक कुछ महीने लगते हैं। कंसल्टेशन में डॉ. रीमा आपको पूरा टाइमलाइन बताती हैं।
जिन बड़ों के मसूड़े स्वस्थ हैं और हड्डी काफ़ी है, वे ज़्यादातर करवा सकते हैं। कुछ बीमारियों या बहुत ज़्यादा स्मोकिंग के बारे में पहले बात करनी पड़ती है। आपके केस में हो सकता है या नहीं, यह कंसल्टेशन में पता चलता है।
खर्च इम्प्लांट की संख्या, क्राउन के प्रकार और किसी और प्रक्रिया की ज़रूरत पर निर्भर करता है। कंसल्टेशन के बाद ट्रीटमेंट प्लान के साथ आपको सही खर्च बता दिया जाता है।
पता
पास में: HP पेट्रोल पंप, शंख सर्कल, प्रेरणातीर्थ जैन देरासर
इन इलाकों से मरीज़ आते हैं
| सोमवार से शनिवार | सुबह 9:30 से 1:00 |
|---|---|
| शाम 5:00 से 8:00 | |
| रविवार | अपॉइंटमेंट पर |
अपना सवाल या फोटो WhatsApp पर भेजिए। डॉ. रीमा की टीम आपको बताएगी कि आगे क्या करना है।